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Tuesday, November 14, 2017

गणेशजी आरती | Arti Ganeshji | Jai Ganesh Jai Ganesh deva

गणेश जी की आरती (हिन्दी)

Jai Ganesh Jai Ganesh deva - Ganesh Aarti
श्लोक
व्रकतुंड महाकाय, सूर्यकोटी समप्रभाः | 
निर्वघ्नं कुरु मे देव, सर्वकार्येरुषु सवर्दा ||

जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा, 
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा, 
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा 

एक दंत दयावंत, चार भुजाधारी, 
माथे पे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी,
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा 

 अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया, 
बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया, 
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा 

हार चढ़ै, फूल चढ़ै और चढ़ै मेवा, 
लड्डुअन को भोग लगे, संत करे सेवा, 
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा 

 दीनन की लाज राखो, शंभु सुतवारी, 
कामना को पूर्ण करो, जग बलिहारी, 
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा 

Ganeshji Aarti (English)

 Jai Ganesh, Jai Ganesh, Jai Ganesh deva, 
Mata jaki parvati, pita mahadeva, 
Jai Ganesh, Jai Ganesh, Jai Ganesh deva 

 Ek dant dayavant, char bhujadhari, 
Mathe pe Sindur sohe, muse ki savari, 
Jai Ganesh, Jai Ganesh, Jai Ganesh deva 

 Andhan ko aankh det, kordhin ko kaya, 
banjan ko putar det, nirdhan ko maya, 
Jai Ganesh, Jai Ganesh, Jai Ganesh deva 

 har chade, full chade aur chade meva, 
laduann ko bhog lge, sant kre seva, 
Jai Ganesh, Jai Ganesh, Jai Ganesh deva 

 dinan ki laaj rakho, shambhu sutvari, 
kamna ko purn kro, jag balihari, 
Jai Ganesh, Jai Ganesh, Jai Ganesh deva 

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