संकट मोचन हनुमानाष्टक | Sankatmochan Hanuman Ashtak Lyrics

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Sankatmochan Hanuman Ashtak Lyrics

Sankatmochan Hanuman Ashtak lyrics from Hanuman Chalisa. Ko nahin jaanat hai jag mein kapi song is sung by Hariharan and music by Lalit sen and Chander. Hanuman Ashtak are considered very prominent in the worship of Shri Hanuman ji

संकटमोचन हनुमान अष्टक गीत हनुमान चालीसा एल्बम से लिया हे । को नहीं जानत है जग में कपि गीत को हरिहरन ने गाया है और संगीत ललित सेन और चंदर ने दिया है। संकटमोचन हनुमान अष्टक भगवान हनुमान को समर्पित एक लोकप्रिय भक्ति भजन है

संकट मोचन हनुमानाष्टक भगवान हनुमान के दिव्य गुणों को खूबसूरती से व्यक्त करता है और अपने भक्तों को सभी प्रकार की कठिनाइयों और बाधाओं से बचाने और उनकी रक्षा करने की क्षमता पर प्रकाश डालता है। ऐसा माना जाता है कि आस्था और भक्ति के साथ इस स्तोत्र का पाठ करने या सुनने से हनुमान जी की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में प्रतिकूलताओं से सुरक्षा मिलती है।

Ko nahin jaanat hai jag mein kapi sankat mochan naam tiharo Bhajan Detail :

Singer :Hariharan
Music :Lalit Sen, Chander
Album :Shree Hanuman Chalisa
Lyrics :Traditional
Label :T-Series
Genre :Bhakti
Language :Hindi

Sankatmochan Hanuman Ashtak Lyrics in Hindi – संकट मोचन हनुमानाष्टक

॥ हनुमानाष्टक ॥
बाल समय रवि भक्षी लियो तब,
तीनहुं लोक भयो अंधियारों ।
ताहि सों त्रास भयो जग को,
यह संकट काहु सों जात न टारो ।
देवन आनि करी बिनती तब,
छाड़ी दियो रवि कष्ट निवारो ।
को नहीं जानत है जग में कपि,
कोरस : संकटमोचन नाम तिहारो (२)

बालि की त्रास कपीस बसैं गिरि,
जात महाप्रभु पंथ निहारो ।
चौंकि महामुनि श्राप दियो तब,
चाहिए कौन बिचार बिचारो ।
कैद्विज रूप लिवाय महाप्रभु,
सो तुम दास के सोक निवारो
को नहीं जानत है जग में कपि,
कोरस : संकटमोचन नाम तिहारो (२)

अंगद के संग लेन गए सिय,
खोज कपीस यह बैन उचारो ।
जीवत ना बचिहौ हम सो जु,
बिना सुधि लाये इहाँ पगु धारो ।
हेरी थके तट सिन्धु सबै तब,
लाए सिया-सुधि प्राण उबारो
को नहीं जानत है जग में कपि,
कोरस : संकटमोचन नाम तिहारो (२)

रावण त्रास दई सिय को सब,
राक्षसी सों कही शोक निवारो ।
ताहि समय हनुमान महाप्रभु,
जाए महा रजनीचर मारो ।
चाहत सीय असोक सों आगि सु,
दै प्रभु-मुद्रिका शोक निवारो
को नहीं जानत है जग में कपि,
कोरस : संकटमोचन नाम तिहारो (२)

बान लग्यो उर लछिमन के तब,
प्राण तजे सुत रावन मारो ।
लै गृह बैद्य सुषेन समेत,
तबै गिरि द्रोण सु बीर उपारो ।
आनि सजीवन हाथ दई तब,
लछिमन के तुम प्रान उबारो
को नहीं जानत है जग में कपि,
कोरस : संकटमोचन नाम तिहारो (२)

रावन युद्ध अजान कियो तब,
नाग कि फाँस सबै सिर डारो ।
श्रीरघुनाथ समेत सबै दल,
मोह भयो यह संकट भारो |
आनि खगेस तबै हनुमान जु,
बंधन काटि सुत्रास निवारो
को नहीं जानत है जग में कपि,
कोरस : संकटमोचन नाम तिहारो (२)

बंधु समेत जबै अहिरावन,
लै रघुनाथ पताल सिधारो ।
देबिहिं पूजि भलि विधि सों बलि,
देउ सबै मिलि मन्त्र विचारो ।
जाय सहाय भयो तब ही,
अहिरावन सैन्य समेत संहारो
को नहीं जानत है जग में कपि,
कोरस : संकटमोचन नाम तिहारो (२)

काज किये बड़ देवन के तुम,
बीर महाप्रभु देखि बिचारो ।
कौन सो संकट मोर गरीब को,
जो तुमसे नहिं जात है टारो ।
बेगि हरो हनुमान महाप्रभु,
जो कछु संकट होय हमारो
को नहीं जानत है जग में कपि,
कोरस : संकटमोचन नाम तिहारो (२)

॥ दोहा ॥
लाल देह लाली लसे,
अरु धरि लाल लंगूर ।
वज्र देह दानव दलन,
जय जय जय कपि सूर ॥

Sankatmochan Hanuman Ashtak Lyrics – Hanuman Bhajan Lyrics -हनुमान भजन

Mangal Murti Maruti Nandanमंगल मूर्ति मारुति नंदन
Jai Jai Jai Hanuman Gosaiजय जय जय हनुमान गोसाई
Aarti Kije Hanuman Lala Kiआरती कीजै हनुमान लला की
Bajrang baanश्री बजरंग बाण पाठ
Hanuman Chalisaहनुमान चालीसा
Radhakrishna Hanuman Themeजय हनुमान ज्ञान गुण सागर

Sankatmochan Hanuman Ashtak Lyrics in Hindi – को नहीं जानत है जग में कपि

Baal Samai Ravi Bhakshi Liyo Tab,
Teenahu Loka Bhayo Andhiyaro ।
Taahi So Traas Bhayo Jag Ko,
Yah Sankat Kaahu So Jaat Na Taaro ।
Dewan Aani Kari Bintee Tab,
Chaadhi Diyo Ravi Kasht Niwaaro ।
Ko Nahin Jaanat Hai Jag Mein Kapi,
Chorus : Sankat Mochan Naam Tihaaro…(2)

Baali Ki Traas Kapees Basai Giri,
Jaat Mahaaprabhu Panth Nihaaro ।
Chownki Mahaa Muni Saap Diyo Tab,
Chahiy Kaun Bichaar Bichaaro ।
Kai Dwij Roop Liwaay Mahaa Prabhu,
So Tum Daas Ke Sok Niwaaro ।
Ko Nahin Jaanat Hai Jag Mein Kapi,
Chorus : Sankat Mochan Naam Tihaaro…(2)

Angad Ke Sang Lain Gaye Siya,
Khoj Kapees Yah Baain Uchaaro ।
Jeevat Na Bachihau Hum Son Ju,
Bina Sudhi Laay Ehaan Pagu Dhaaro ।
Hayri Thake Tatt Sindhu Sabaai Tab,
Laay Siya-Sudhi Praan Ubaaro ।
Ko Nahin Jaanat Hai Jag Mein Kapi,
Chorus : Sankat Mochan Naam Tihaaro…(2)

Raavan Traas Dayee Siya Ko Sab,
Raakshashi So Kahi Sok Nivaaro ।
Taahi Samay Hanuman Mahaprabhu,
Jaay Mahaa Rajneechar Maaro ।
Chaahat Seeya Asoka So Aagi Su,
Dai Prabhu Mudrika Soka Nivaaro ।
Ko Nahin Jaanat Hai Jag Mein Kapi,
Chorus : Sankat Mochan Naam Tihaaro…(2)

Baan Lagyo Ur Lakshiman Ke Tab,
Praan Taje Sut Raavan Maaro ।
Lai Griha Baidya Sushen Samet,
Tabai Giri Dron Su Beer Upaaro ।
Aani Sajeewan Hath Dayee Taba,
Lakshiman Ke Tum Praan Upaaro ।
Ko Nahin Jaanat Hai Jag Mein Kapi,
Chorus : Sankat Mochan Naam Tihaaro…(2)

Raavan Yudh Ajaan Kiyo Tab,
Naag Ki Phaas Sabhi Sir Daaro ।
Sri Raghunath Samet Sabai Dal,
Moh Bhayo Yah Sankat Bhaaro ।
Aani Khagesh Tabai Hanumaan Ju,
Bandhan Kaati Sutraas Nivaaro ।
Ko Nahin Jaanat Hai Jag Mein Kapi,
Chorus : Sankat Mochan Naam Tihaaro…(2)

Bandhu Samet Jabai Ahiraavan,
Lai Raghunath Pataal Sidhaaro ।
Devhi Puji Bhalee Vidhi So Bali,
Deu Sabai Mili Mantra Vichaaro ।
Jaay Sahaay Bhayo Tab Hi,
Ahiraavan Sainya Samet Sanhaaro ।
Ko Nahin Jaanat Hai Jag Mein Kapi,
Chorus : Sankat Mochan Naam Tihaaro…(2)

Kaaj Kiye Barh Dewan Kei Tum,
Beer Mahaaprabhu Dekhi Bichaaro ।
Kaun So Sankat Mohin Gareeb Ko,
Jo Tumso Nahin Jaat Hai Taaro ।
Begi Haro Hanumaan Mahaprabhu,
Jo Kuch Sankat Hoya Hamaaro ।
Ko Nahin Jaanat Hai Jag Mein Kapi,
Chorus : Sankat Mochan Naam Tihaaro…(2)

॥ Doha ॥
Laal Deh Laalee Lase,
Aru Dhari Laal Langoor ।
Bajra Deh Daanavdalan,
Jai Jai Jai Kapi Soor ॥

को नहीं जानत है जग में कपि संकट मोचन हनुमानाष्टक | Sankatmochan Hanuman Ashtak Lyrics

The Sankatmochan Hanuman Ashtak beautifully expresses the divine qualities of Lord Hanuman and highlights his ability to rescue and safeguard his devotees from all kinds of difficulties and obstacles. It is believed that reciting or listening to this hymn with faith and devotion can invoke Hanuman’s blessings and provide protection from adversities in life.

  • एल्बम: श्री हनुमान चालीसा – हनुमान अष्टक
  • लेखक: तुलसी दास
  • गायक: हरिहरन
  • कलाकार: गुलशन कुमार
  • संगीतकार: ललित सेन, चंदर
  • लेबल: टी-सीरीज़

हनुमान अष्टक पढ़ने के क्या लाभ – Sankatmochan Hanuman Ashtak Lyrics Benefits

संकटमोचन हनुमान अष्टक भगवान हनुमान को समर्पित एक भक्तिपूर्ण पाठ है, जो हिंदू धर्म में शक्ति, भक्ति और सुरक्षा के प्रतीक के रूप में पूजनीय हैं। माना जाता है कि हनुमान अष्टक का पाठ या जप करने से भक्त को कई लाभ मिलते हैं। संकटमोचन हनुमान अष्टक से जुड़े कुछ संभावित लाभ इस प्रकार हैं:

  • विघ्नों का नाश: हनुमान जी को कष्टों और विघ्नों का हरण करने वाला माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि भक्ति के साथ संकट मोचन हनुमानाष्टक का जाप करने से जीवन में आने वाली बाधाओं और चुनौतियों को दूर करने में मदद मिलती है, चाहे वे शारीरिक, मानसिक या आध्यात्मिक प्रकृति की हों।
  • साहस और पराक्रम: भगवान हनुमान अपनी अपार शक्ति और वीरता के लिए जाने जाते हैं। माना जाता है कि संकट मोचन हनुमानाष्टक का नियमित पाठ भक्त में अपने दिव्य गुणों का आह्वान करता है, साहस, आंतरिक शक्ति और जीवन की चुनौतियों का सामना करने का दृढ़ संकल्प प्रदान करता है।
  • रक्षा और आशीर्वाद: ऐसा माना जाता है कि संकटमोचन हनुमान अष्टक का जाप करने से व्यक्ति हनुमान जी की रक्षा और आशीर्वाद प्राप्त कर सकता है। हनुमान को एक संरक्षक देवता के रूप में माना जाता है जो अपने भक्तों को नुकसान से बचाते हैं और उन्हें धार्मिक मार्ग पर मार्गदर्शन करते हैं।
  • भक्ति और आध्यात्मिक विकास: हनुमान अष्टक एक भक्तिपूर्ण स्तोत्र है जो भगवान हनुमान के प्रति श्रद्धा और प्रेम व्यक्त करता है। इस प्रार्थना के नियमित पाठ के माध्यम से, भक्त परमात्मा के साथ अपने संबंध को गहरा कर सकते हैं और आध्यात्मिक विकास का अनुभव कर सकते हैं।
  • ध्यान और एकाग्रता: संकट मोचन हनुमानाष्टक का जप करने में भगवान हनुमान के दिव्य गुणों पर ध्यान केंद्रित करना और दोहराना शामिल है। यह अभ्यास एकाग्रता में सुधार करने, मानसिक स्पष्टता बढ़ाने और दिमाग विकसित करने में मदद कर सकता है।
  • भय और चिंता पर काबू पाना: हनुमान जी को अक्सर भय और नकारात्मकता के विनाश से जोड़ा जाता है। माना जाता है कि हनुमान अष्टक का जाप भय, चिंता और नकारात्मक भावनाओं को दूर करने में मदद करता है, जिससे शांति की भावना पैदा होती है।
  • स्वास्थ्य और कल्याण: हनुमान जी को शारीरिक जीवन शक्ति और कल्याण से जुड़ा देवता भी माना जाता है। माना जाता है कि संकट मोचन हनुमानाष्टक का पाठ अच्छे स्वास्थ्य, उपचार और समग्र कल्याण को बढ़ावा देता है।

यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि किसी भी प्रार्थना या मंत्र की शक्ति उस ईमानदारी, विश्वास और भक्ति में निहित है जिसके साथ भाव उसका अभ्यास किया जाता है। शुद्ध हृदय और मन के साथ-साथ नियमित और निरंतर पाठ, संभावित लाभों को बढ़ा सकता है और एक भक्त के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है। जिससे जीवन में सफलता का मार्ग खुलता हे

संकट मोचन हनुमानाष्टक का पाठ कब करना चाहिए

  • मान्यता के अनुसार संकट मोचन हनुमानाष्टक का पाठ सुबह या शाम के वक्त किया जा सकता है
  • आप इसे शाम को पढ़ना चाहते हैं तो कम से कम अपने हाथ और पैर अच्छी तरह धो लें। और स्वच्छ कपडे पहनकर करे
  • इस मंत्र का पाठ आरम्भ करने से पहले सर्वपर्थम भगवान गणेश की वन्दना करें
  • इस मंत्र को पुरे मन से एक एक बॉल पर ध्यान देकर उच्चारण करे
  • हो सके तो ब्रह्म मुहूर्त में संकट मोचन हनुमानाष्टक का पाठ करे जिससे हमारी प्रार्थना सीधे पर्मात्मा तक पहुंचती है

संकट मोचन हनुमानाष्टक का महत्व – Benefits of Sankatmochan Hanuman Ashtak

संकटमोचन हनुमान अष्टक हिंदू धर्म में विशेष रूप से भगवान हनुमान की पूजा और भक्ति में बहुत महत्व रखता है। यहाँ कुछ प्रमुख पहलू हैं जो संकटमोचन हनुमान अष्टक के महत्व को उजागर करते हैं:

  • भगवान हनुमान की भक्ति: हनुमान अष्टक भगवान हनुमान के प्रति भक्ति और श्रद्धा की गहन अभिव्यक्ति है। यह हनुमान के गुणों, उपलब्धियों और दिव्य गुणों को समाहित करता है, भगवान राम के एक समर्पित सेवक और अपने आप में एक शक्तिशाली देवता के रूप में उनकी भूमिका पर जोर देता है। हनुमान अष्टक का जाप भक्तों को एक गहरे आध्यात्मिक स्तर पर हनुमान जी से जुड़ने और उनके प्रति अपने प्रेम और भक्ति को व्यक्त करने की अनुमति देता है।
  • संरक्षण और मार्गदर्शन: हनुमान व्यापक रूप से मुसीबतों और कठिनाइयों से रक्षक और उद्धारकर्ता के रूप में पूजनीय हैं। अष्टक के शीर्षक में “संकटमोचन” शब्द का अर्थ है “संकट से राहत देने वाला।” हनुमान अष्टक का पाठ करके, भक्त अपने जीवन में बाधाओं, चुनौतियों और विपत्तियों को दूर करने के लिए भगवान हनुमान की सुरक्षा, मार्गदर्शन और आशीर्वाद चाहते हैं।
  • शक्ति और साहस का प्रतीक: भगवान हनुमान असाधारण शक्ति, वीरता और अटूट भक्ति के लिए प्रसिद्ध हैं। हनुमान अष्टक इन गुणों को खूबसूरती से चित्रित करता है और भक्तों के लिए प्रेरणा स्रोत के रूप में कार्य करता है। अष्टक का जाप करके, व्यक्ति हनुमान के उदाहरण से शक्ति प्राप्त कर सकते हैं और अपने स्वयं के साहस, लचीलापन और दृढ़ संकल्प का विकास कर सकते हैं।
  • नकारात्मकता और भय को दूर करना: माना जाता है कि हनुमान में भय, नकारात्मक ऊर्जा और पुरुषवादी शक्तियों को दूर करने की क्षमता है। हनुमान अष्टक को एक शक्तिशाली प्रार्थना के रूप में माना जाता है जो मन को शुद्ध करने, नकारात्मक विचारों को दूर करने और चिंताओं को दूर करने में मदद करता है।
  • आध्यात्मिक विकास और परिवर्तन: ईमानदारी और भक्ति के साथ अष्टक के पाठ में संलग्न होकर, व्यक्ति परमात्मा के साथ अपने संबंध को गहरा कर सकते हैं और विनम्रता, समर्पण और निस्वार्थता जैसे गुणों को विकसित कर सकते हैं, जो हनुमान द्वारा उदाहरण हैं।
  • सांस्कृतिक और पारंपरिक महत्व: हनुमान अष्टक सदियों से हिंदू संस्कृति और परंपरा का एक अभिन्न अंग रहा है। यह अक्सर हनुमान जयंती (हनुमान की जयंती) और भगवान हनुमान से जुड़े अन्य शुभ अवसरों के दौरान सुनाया जाता है। अष्टक का पाठ भक्तों द्वारा दैनिक प्रार्थना के रूप में या उनकी नियमित आध्यात्मिक साधना के भाग के रूप में भी किया जाता है।

FAQs For Sankatmochan Hanuman Ashtak

  • Who is the singer of Sankatmochan Hanuman Ashtak : Ko nahin janat hai Song ? 

    Sankatmochan Hanuman Ashtak : Ko nahin janat hai Song is sung by hariharan

  • Who is the music director of Sankatmochan Hanuman Ashtak : Ko nahin janat hai song?

    Sankatmochan Hanuman Ashtak : Ko nahin janat hai Song is composed by Lalit Sen and chander

  • Which album is the song Sankatmochan Hanuman Ashtak : Ko nahin janat hai from?

    Sankatmochan Hanuman Ashtak : Ko nahin janat hai is a hindi song from the album Shree Hanuman Chalisa

  • What is the duration of Sankatmochan Hanuman Ashtak : Ko nahin janat hai Song ?

    The duration of the song Sankatmochan Hanuman Ashtak : Ko nahin janat hai is 6:14 minutes.

  • हनुमान जी को संकट मोचन क्यों कहते हैं?

    “संकटमोचन” शब्द का अर्थ है “संकट से राहत देने वाला।” हनुमानजी के द्वारा हर तरह के संकट का नाश बड़ी ही चतुराई से करने के कारण वह संकटमोचन भी कहे जाते हैं वह किसी भी संकट का नाश कर सकते हे

  • हनुमान अष्टक के रचियता कौन हैं?

    संकटमोचन हनुमानाष्टक की संरचना गोस्वामी तुलसीदास ने की थी

निष्कर्ष

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हमे उम्मीद हे की हनुमान जी भक्तों यह संकट मोचन हनुमानाष्टक भजन लिरिक्स भजन पसंद आया होगा | अगर कुछ क्षति दिखे तो हमारे लिए छोड़ दे और हमे कमेंट करके जरूर बताइए ताकि हम आवश्यक बदलाव कर सके |

अगर आप अपने किसी पसंदीदा गाने के बोल चाहते हैं तो नीचे कमेंट बॉक्स में लिखकर हमें बेझिझक बताएं हम आपकी ख्वाइस पूरी करने की कोशिष करेंगे धन्यवाद!
🙏 जय श्रीराम 🙏 जय बजरंगबली हनुमान

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