श्री हनुमान स्तवन हिंदी अर्थ सहित – Hanuman Stavan Lyrics With Meaning

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Hanuman Stavan Lyrics With Meaning - श्री हनुमान स्तवन

Hanuman Stavan Lyrics With Meaning : स्तवन का अर्थ है “प्रसन्न”, हनुमत स्तवन का पाठ श्री हनुमान जी के आह्वान और प्रसन्न करने हेतु किया जाता है। इसका पाठ करने से हनुमान जी का आशीर्वाद आपके उपर बना रहता है, ओर आपकी सारी परेशानी दूर होती है।

Benefits of Hanuman Stavan Lyrics:
The literal meaning of Stavan is praise or being praiseworthy of worship. The Hanuman Stavan is a collection of stotras in praise of the powers, deeds and devotion of Lord Hanuman.

Hanuman Stavan Details:

Singer :Hariharan
Music :Lalit Sen, Chander
Album :Shree Hanuman Chalisa
Lyrics :Traditional
Label :T-Series
Genre :Bhakti
Language :Hindi

श्री हनुमान स्तवन हिंदी में अर्थ सहित – Hanuman Stavan Lyrics With Meaning Hindi

प्रनवऊं पवन कुमार खल बन पावक ग्यान घन।
जासु ह्रदय आगार बसहिं राम सर चाप धर ॥

हिंदी में अर्थ : मैं उन पवन पुत्र श्री हनुमान जी को प्रणाम करता हूं, जो दुष्ट रूपी वन में अर्थात राक्षस रूपी वन में अग्नि के समान ज्ञान से परिपूर्ण हैं। जिनके हृदय रूपी घर में धनुषधारी श्री राम निवास करते हैं।

अतुलित बलधामं हेमशैलाभदेहं,
दनुजवनकृशानुं ज्ञानिनामअग्रगण्यम्।
सकलगुणनिधानं वानराणामधीशं,
रघुपतिप्रियं भक्तं वातंजातं नमामि ॥

हिंदी में अर्थ : अतुलीय बल के निवास, हेमकूट पर्वत के समान शरीर वाले राक्षस रूपी वन के लिए अग्नि के समान, ज्ञानियों के अग्रणी रहने वाले, समस्त गुणों के भंडार, वानरों के स्वामी, श्री राम के प्रिय भक्त वायुपुत्र श्री हनुमान जी को नमस्कार करता हूं।

गोष्पदीकृत वारिशं मशकीकृत राक्षसम्।
रामायण महामालारत्नं वन्दे अनिलात्मजं ॥

हिंदी में अर्थ : समुद्र को गाय के खुर के समान संक्षिप्त बना देने वाले, राक्षसों को मच्छर जैसा बनाने वाले, रामायण रूपी महती माला का रत्न वायुनंदन हनुमान जी को मैं प्रणाम करता हूं।

अंजनानंदनंवीरं जानकीशोकनाशनं।
कपीशमक्षहन्तारं वन्दे लंकाभयंकरम् ॥

हिंदी में अर्थ : माता अंजनी को प्रसन्न रखने वाले , माता सीता जी के शोक को नष्ट करने वाले, अक्ष को मारने वाले, लंका के लिए भंयकर रूप वाले वानरों के स्वामी को मैं प्रणाम करता हूं।

उलंघ्यसिन्धों: सलिलं सलीलं य: शोकवह्नींजनकात्मजाया:।
तादाय तैनेव ददाहलंका नमामि तं प्राञ्जलिंराञ्नेयम ॥

हिंदी में अर्थ : जिन्होंने समुद्र के जल को लीला पूर्वक( खेल-खेल में) लांघ कर माता सीता जी की शोकरूपी अग्नि को लेकर उस अग्नि से ही लंका दहन कर दिया, उन अंजनी पुत्र को मैं हाथ जोड़ कर नमस्कार करता हूं।

मनोजवं मारुततुल्यवेगं जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठम्।
वातात्मजं वानरयूथमुख्यं श्रीरामदूतं शरणं प्रपद्ये ॥

हिंदी में अर्थ : मन के समान गति वाले, वायु के समान वेग वाले, इंद्रियों के जीतने वाले, बुद्धिमानों में श्रेष्ठ, वायुपुत्र, वानरों के समूह के प्रमुख, श्री राम के दूत की शरण प्राप्त करता हूं।

आञ्जनेयमतिपाटलाननं काञ्चनाद्रिकमनीय विग्रहम्।
पारिजाततरूमूल वासिनं भावयामि पवमाननंदनम्॥

हिंदी में अर्थ : अंजना के पुत्र, गुलाब के समान मुख वाले, हेमकुट पर्वत समान सुंदर शरीर वाले, कल्पवृक्ष की जड़ पर रहने वाले, पवन पुत्र श्री हनुमान जी को मैं याद करता हूं।

यत्र यत्र रघुनाथकीर्तनं तत्र तत्र कृत मस्तकाञ्जिंलम।
वाष्पवारिपरिपूर्णलोचनं मारुतिं नमत राक्षसान्तकम् ॥

हिंदी में अर्थ : जहां- जहां श्री रामचंद्र जी का कीर्तन होता है वहां-वहां मस्तक पर अंजलि बांधे हुए आनंदाश्रु से पूरित नेत्रों वाले, राक्षसों के काल वायुपुत्र (श्री हनुमान जी) को नमस्कार करें।

Hanuman Stavan Lyrics with Meaning – श्री हनुमान स्तवन अर्थ सहित

Atulita-Bala-Dhaaman Hema Shilabha Deham
Danujavana-Krsnam Janina-Mgraganyam
Sakalagunaa-Nidhaanam Vaanaranaa-Madhiisam
Raghupati-Priya-Bhaktam Vataa Jaatam Namaami

Meaning in English : I Salute The Son Of The Wind God (Hanuman), The Leader Of The Monkeys And The Messenger Of Rama, Whose Strength In Matchless, Whose Body Is Like A Hill Of Gold, Who Burns Up The Forest Of Asuras (Demons) Like A Jungle Fire, Who Towers Among The Spiritually Illumined Ones, And Who Is A Treasure-House Of All Virtues.

Gospadi-Krta-Varaasim-Masakikrta-Raksasaam
Ramaayana-Mahaamala-Ratnam Vande-Nilaatmajam

Meaning in English : Salutation To The Son Of The Wind God (Hanuman), Who Crossed The Ocean As If It Were A Puddle In The Hoof-Marks Of A Calf, Who Squashed The Rakshasas As If They Were Mosquitoes, And Who By His Deeds Shines Like The Central Gem In The Necklace Of The Ramayana.

Anjana Nandanam Viram Janaki-Soka Naashanam
Kapisha Maksahan Taaram Vande Lanka-Bhayankaram

Meaning in English : I Salute The Heroic Hanuman, The Leader Of The Monkeys And The Son Of Anjana, Who Is The Slayer Of (Ravan’s Son) Akshkumara, Who Was A Terror To The Inhabitants Of Lanka, And Who Assuaged The Grief Of Sita.

Ullanghya Sindhoh Salilam Salilam
Yaah Shoka Vahanim Janakat Majayah
Adayaa Tenaiva Dadahaa Lankam
Namaami Tam Pranjalir-Anjaneyam

Meaning in English : With Palms Joined In Reverence, I Prostrate To The Son Of Anjana Who Leaped Across The Sea As In Sport, Removing The Fire From Sita’s Mind And Burning Lanka With That Very Fire.

Manojavam Maruta Tulyavegam
Jitendriyam Budhimaatam Varishitam
Vaatmajam Vanaraayutha Mukhyam
Srirama Dhuutam Sharanam Prapadhye

Meaning in English : I Bow My Head To Hanuman, The Wind God’s Son, Messenger Of Rama, Leader Of The Monkey Army, Who Is Fast As The Wind And Quick As The Mind, Who Is The Master Of His Senses And Most Distinguished And Wise.

Anjaneya Mati Patalaananam
Kanchanadri Kamaniya-Vigraham
Parijata Tarumula-Vasinam
Bhavayaami Paavamana-Nananam

Meaning in English : I Meditate On The Son Of The Wind God And Anjana, Whose Face Is Deep Red In Complexion, Whose Body Is As Fascinating As A Mountain Of Gold, And Whose Favourite Resort Is The Base Of The Parijata Tree.

Yatra Yatra Raghunaatha-Kirtanam
Tatra Tatra Krta Masta Kaanjalim
Baspa Vaari Paripurna-Locanam
Maarutim Naamata Rakshas-Antakam

Meaning in English : I Prostrate Before Maruti (Hanuman), The Dealer Of Death To The Rakshasas (Demons), Who, With Head Bent Down, Palms Folded In Adorations, And Eyes Brimming With Tears, Frequents Every Place Where Rama’s Name Is Glorified.

श्री हनुमान वंदना : श्री हनुमान स्तवन Shree Hanuman Stawan

हनुमान स्तवन” एक प्रार्थना है जो भगवान हनुमान को समर्पित है, जो अपनी शक्ति, भक्ति और भगवान राम के प्रति अटूट निष्ठा के लिए जाने जाते हैं। हनुमान जी का आशीर्वाद और सुरक्षा चाहने वाले भक्तों द्वारा इसका व्यापक रूप से पाठ किया जाता है।

श्री हनुमान स्तवन

  • गायक: हरिहरन
  • संगीत निर्देशक: ललित सेन, चंदर
  • गीत: पारंपरिक
  • एल्बम: श्री हनुमान चालीसा
  • संगीत लेबल: टी-सीरीज़

श्री हनुमान स्तवन के फायदे (लाभ) Benefits of Hanuman Stavan

श्री हनुमान स्तवन को पढ़ने के अनेक लाभ हैं, जिनमें से कुछ महत्वपूर्ण लाभ निम्नलिखित हैं:

  • हनुमान स्तवन को पढ़ने से आपकी श्रद्धा और ध्यान में वृद्धि होती है
  • हनुमानजी के गुणों और महत्व को ध्यान में रखते हुए उनके स्तवन का पाठ करने से मन की शांति और ध्यान की स्थिरता प्राप्त होती है.
  • हनुमान भक्ति को स्थापित करने के लिए हनुमान स्तवन अत्यंत महत्वपूर्ण है.
  • हनुमान जी पर कृपा करने के लिए और उनकी रक्षा के लिए हनुमान स्तवन को पढ़ना आपके लिए बहुत लाभदायक साबित हो सकता है.
  • आपके जीवन में आने वाले संकटों को दूर करने में और आपको सुरक्षा देने में हनुमानजी की कृपा महत्वपूर्ण हो सकती है.
  • हनुमान स्तवन का पठने से मानसिक शांति, तनाव कमी, चिंता का निवारण और मन की स्थिरता का अनुभव हो सकता है
  • हनुमानजी को सफलता का देवता माना जाता है, और उनके स्तवन के पाठ से आप अपने लक्ष्यों की प्राप्ति में मदद प्राप्त कर सकते हैं.

हनुमान स्तवन को नियमित रूप से पढ़ेंगे और उसके भावों को अपने मन में स्थापित करेंगे, तो आप इन लाभों को अनुभव कर सकते हैं. हालांकि, इन लाभों को प्राप्त करने के लिए पूर्ण श्रद्धा और विश्वास के साथ प्रार्थना करना अत्यंत महत्वपूर्ण है.

  1. स्तवन शब्द का क्या अर्थ है?

    “स्तवन” शब्द संस्कृत भाषा से लिया गया है और इसका अर्थ होता है “स्तुति” या “प्रशंसा”. स्तवन एक प्रकार की भक्तिमय प्रार्थना होती है जिसमें ईश्वर, देवता, दिव्य पुरुष या किसी दिव्यता की प्रशंसा की जाती है.

    स्तवन करके भक्त दिव्यता को समर्पित होता है और उसकी महिमा, गुण, आदर्श और कार्यों की प्रशंसा की जाती है. हनुमान स्तवन भी हनुमानजी की महिमा और गुणों की प्रशंसा के रूप में लिखा गया है.

  2. श्री हनुमान स्तवन पाठ किस भाषा में लिखा गया है?

    श्री हनुमान स्तवन पाठ किस भाषा में लिखा गया है. हनुमानजी की पूजा-अर्चना के एक महत्वपूर्ण अंग के रूप में माना जाता है। यह स्तवन विभिन्न ग्रंथों और पुराणों में प्राप्त होता है और भक्तों द्वारा संस्कृत, हिंदी या अन्य भाषाओं में पढ़ा जाता है।

  3. श्री हनुमान स्तवन का पाठ कब करना चाहिए ?

    श्री हनुमान स्तवन का पाठ आप अपनी आवश्यकताओं और सुविधानुसार कभी भी कर सकते हैं। हालांकि, निम्नलिखित समय और परिस्थितियों में इसका पाठ करना विशेष रूप से प्रभावी हो सकता है:
    1. प्रात:काल (सुबह): श्री हनुमान स्तवन का पाठ प्रात:काल में करने से आपका दिन शुभ और उत्साहपूर्ण होता है।
    2. संध्याकाल (शाम): हनुमान स्तवन का पाठ संध्याकाल में करने से रात्रि के बाद की थकान दूर होती है और मन को शांति मिलती है। इसे आप सूर्यास्त के बाद अपनी शांति और ध्यान सत्र के पहले कर सकते हैं।
    3. विशेष अवसर: हनुमान जयंती, मंगलवार, शनिवार, नवरात्रि, रामनवमी आदि जैसे विशेष अवसरों पर हनुमान स्तवन का पाठ करना विशेष फलदायी होता है।
    इसके अलावा, आप हर दिन हनुमान स्तवन का पाठ कर सकते हैं और इसे अपने अनुसार नियमित रूप से जोड़ सकते हैं।

  4. हनुमान स्तवन पढ़ने से क्या लाभ मिलता हैं ?

    आपके जीवन में आने वाले संकटों का निवारण करने में और आपको सुरक्षा प्रदान करने में हनुमानजी की कृपा महत्वपूर्ण हो सकती है. हनुमान स्तवन का पठन करने से मानसिक शांति, तनाव की कमी, चिंता का निवारण और मन की स्थिरता का अनुभव हो सकता है

निष्कर्ष

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जय श्रीराम 🙏

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