सीता माता धरती की गोद में समाई | Ramayan Mata Seeta

1949
सीता माता धरती की गोद में समाई

सीता माता धरती की गोद में समाई : जब लव कुश राजा राम के दरबार में वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण सुनाते हुए अपना परिच्य माता सीता और श्री राम की संतान का देते है। सभा में सभीउपस्थित सभागण आश्चर्य से लव कुश की और देखते है। 

धारावाहिक :रामायण रामानंद सागर कृत
कहानी :सीता माता धरती की गोद में समाई
संगीत : रवींद्र जैन
स्वर :सतीश डेरा और देविका पंडित
निर्देशक :रामानंद सागर
शैली :पौराणिक कथा
मूल प्रसारण :२५ जनवरी १९८७ – ३१ जुलाई १९८ 
मूल चैनल :दूरदर्शन
छायांकन :अजित नाइक
निर्माता :रामानंद सागर, आनंद सागर, मोती सागर
संपादक :सुभाष सहगल
मूल भाषा :हिंदी (Hindi)

जिस पर श्री राम उनसे इसका प्रमाण माँगते हैं और कहते हैं की अपनी माता को यहाँ बुलाओ ताकि वो सभी लोगों को तुम्हारे हमारा पुत्र होने का प्रमाण दे सके। 

Sita Descends Into Mother Earth – सीता माता धरती की गोद में समाई

अगले दिन महाऋषि वाल्मीकि माता सीता और लव कुश को साथ लेकर राज सभा मेंआते हैं। श्री राम को वाल्मीकि जी बताते हैं की लव कुश माता सीता और आपके ही पुत्र हैं तो इस पर श्री राम, वाल्मीकि जी से विनीति करते हैं कि मुझेआपकी इस बात पर पूर्ण विश्वास है कि लव कुश मेरे पुत्र हैं परंतु यही बात यदि सीता सभी नगर वासी और राज्य सभा के सदस्यों के सामने खुद कहेगी तोसभी को यक़ीन हो जाएगा। 

माता सीता को अपने पतिव्रता होने का प्रमाण आज दुबारा देना पड़ रहा था जिस से उन्हें बहुत दुःख पहुँच रहा था जैसे ही वो येसब सुनती है तो वो धरती माँ को प्रकट होने के लिए कहती हैं और उनसे विनीति करती हैं की यदि उनके चरित्र में कोई भी त्रुटि या दाग़ ना हो और उनकेजीवन में सिर्फ़ श्री राम ही हों तो उन्हें अपनी गोद में समा ले ताकि सभी को उनके पवित्र होने का विश्वास हो जाए। 

धरती माता तभी प्रकट हो जाती हैं औरसीता की पवित्रता का प्रमाण सभी को मिल जाता है। माता सीता धरती माँ के साथ चली जाती हैं, श्री राम माता सीता को रोकने के लिए आगे बढ़ते हैं पररोक नहीं पाते।

Ramayan Story of Mata Seeta – रामायण सीता माता

रामायण एक भारतीय टेलीविजन श्रृंखला है जो इसी नाम के प्राचीन भारतीय संस्कृत महाकाव्य पर आधारित है। यह श्रृंखला मूल रूप से 1987 और 1988 के बीच दूरदर्शन पर प्रसारित हुई थी। 

इस श्रृंखला के निर्माण, लेखन और निर्देशन का श्रेय श्री रामानंद सागर को जाता है। यह श्रृंखला मुख्य रूप से वाल्मीकि रचित ‘रामायण’ और तुलसीदास रचित ‘रामचरितमानस’ पर आधारित है। 

इस धारावाहिक को रिकॉर्ड 82 प्रतिशत दर्शकों ने देखा था, जो किसी भी भारतीय टेलीविजन श्रृंखला के लिए एक कीर्तिमान है

  • निर्माता और निर्देशक – रामानंद सागर 
  • सहयोगी निर्देशक – आनंद सागर, मोती सागर 
  • कार्यकारी निर्माता – सुभाष सागर, प्रेम सागर 
  • मुख्य तकनीकी सलाहकार – ज्योति सागर 
  • पटकथा और संवाद – रामानंद सागर 
  • संगीत – रविंद्र जैन 

रामायण कथा क्यों सीता माता धरती की गोद में समाई – Ramayan Ramanand Sagar

YouTube Video: सीता माता धरती की गोद में समाई

Ramayan is an Indian television series based on ancient Indian Sanskrit epic of the same name. The show was originally aired between 1987 and 1988 on DD National. It was created, written, and directed by Ramanand Sagar. The show is primarily based on Valmiki’s ‘Ramayan’ and Tulsidas’ ‘Ramcharitmanas’. 

  • Produced & Directed by Ramanand Sagar
  • Associate Directors – Anand Sagar, Moti Sagar
  • Executive Producers – Subhash Sagar, Prem Sagar
  • Chief Technical Advisor – Jyoti Sagar
  • Screenplay & Dialogues – Ramanand Sagar
  • Music – Ravindra Jain

अंतिम बात :

दोस्तों कमेंट के माध्यम से यह बताएं कि “सीता माता धरती की गोद में समाई कहानी” वाला यह आर्टिकल आपको कैसा लगा | हमने  पूरी कोशिष की हे आपको सही जानकारी मिल सके| आप सभी से निवेदन हे की अगर आपको हमारी पोस्ट के माध्यम से सही जानकारी मिले तो अपने जीवन में आवशयक बदलाव जरूर करे फिर भी अगर कुछ क्षति दिखे तो हमारे लिए छोड़ दे और हमे कमेंट करके जरूर बताइए ताकि हम आवश्यक बदलाव कर सके | 

हमे उम्मीद हे की आपको Ramayan Mata Seeta वाला यह आर्टिक्ल पसंद आया होगा | आपका एक शेयर हमें आपके लिए नए आर्टिकल लाने के लिए प्रेरित करता है | ऐसी ही कहानी के बारेमे जानने के लिए हमारे साथ जुड़े रहे धन्यवाद ! 🙏