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शनिवार, 12 दिसंबर 2020

सीता माता धरती की गोद में समाई | Ramayan mata seeta

सीता माता धरती की गोद में समाई - Mata Sita Descends Into Mother Earth

जब लव कुश राजा राम के दरबार में वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण सुनाते हुए अपना परिच्य माता सीता और श्री राम की संतान का देते है। सभा में सभीउपस्थित सभागण आश्चर्य से लव कुश की और देखते है। 
जिस पर श्री राम उनसे इसका प्रमाण माँगते हैं और कहते हैं की अपनी माता को यहाँ बुलाओ ताकि वो सभी लोगों को तुम्हारे हमारा पुत्र होने का प्रमाण दे सके। 

अगले दिन महाऋषि वाल्मीकि माता सीता और लव कुश को साथ लेकर राज सभा मेंआते हैं। श्री राम को वाल्मीकि जी बताते हैं की लव कुश माता सीता और आपके ही पुत्र हैं तो इस पर श्री राम, वाल्मीकि जी से विनीति करते हैं कि मुझेआपकी इस बात पर पूर्ण विश्वास है कि लव कुश मेरे पुत्र हैं परंतु यही बात यदि सीता सभी नगर वासी और राज्य सभा के सदस्यों के सामने खुद कहेगी तोसभी को यक़ीन हो जाएगा। 

Ramayan mata seeta



माता सीता को अपने पतिव्रता होने का प्रमाण आज दुबारा देना पड़ रहा था जिस से उन्हें बहुत दुःख पहुँच रहा था जैसे ही वो येसब सुनती है तो वो धरती माँ को प्रकट होने के लिए कहती हैं और उनसे विनीति करती हैं की यदि उनके चरित्र में कोई भी त्रुटि या दाग़ ना हो और उनकेजीवन में सिर्फ़ श्री राम ही हों तो उन्हें अपनी गोद में समा ले ताकि सभी को उनके पवित्र होने का विश्वास हो जाए। 

धरती माता तभी प्रकट हो जाती हैं औरसीता की पवित्रता का प्रमाण सभी को मिल जाता है। माता सीता धरती माँ के साथ चली जाती हैं, श्री राम माता सीता को रोकने के लिए आगे बढ़ते हैं पररोक नहीं पाते।

रामायण एक भारतीय टेलीविजन श्रृंखला है जो इसी नाम के प्राचीन भारतीय संस्कृत महाकाव्य पर आधारित है। यह श्रृंखला मूल रूप से 1987 और 1988 के बीच दूरदर्शन पर प्रसारित हुई थी। 

इस श्रृंखला के निर्माण, लेखन और निर्देशन का श्रेय श्री रामानंद सागर को जाता है। यह श्रृंखला मुख्य रूप से वाल्मीकि रचित 'रामायण' और तुलसीदास रचित 'रामचरितमानस' पर आधारित है। 

इस धारावाहिक को रिकॉर्ड 82 प्रतिशत दर्शकों ने देखा था, जो किसी भी भारतीय टेलीविजन श्रृंखला के लिए एक कीर्तिमान है।


निर्माता और निर्देशक - रामानंद सागर 
सहयोगी निर्देशक - आनंद सागर, मोती सागर 
कार्यकारी निर्माता - सुभाष सागर, प्रेम सागर 
मुख्य तकनीकी सलाहकार - ज्योति सागर 
पटकथा और संवाद - रामानंद सागर 
संगीत - रविंद्र जैन 

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