राधाकृष्ण | कृष्ण वाणी – 85
राधाकृष्ण | कृष्ण वाणी बहती नदियां कितनी सुन्दर होती है, पावन होती है, जहां से जाती है वहां एक नया जीवन प्रदान करती है। धरा...
राधाकृष्ण | कृष्ण वाणी – 87
राधाकृष्ण | कृष्ण वाणी बबूल का पेड़ कितना विशाल होता है, पीपल का पेड़ भी विशाल होता है। किन्तु क्या आपने कभी सोचा है क्यों...
राधाकृष्ण | कृष्ण वाणी – 86
राधाकृष्ण | कृष्ण वाणीकभी-कभी हम अपने माता-पिता से कितने क्रोधित रहते है। सोचते है कि उनका ध्यान हमारी ओर है ही नहीं, सोचते है...
राधाकृष्ण | कृष्ण वाणी -90
राधाकृष्ण | कृष्ण वाणी कभी सोचा है जब माता संतान को जन्म देती है तो क्या होता है? नौ माह का गर्भ, प्रसव की तीव्र...
राधाकृष्ण | कृष्ण वाणी -91
राधाकृष्ण | कृष्ण वाणीअग्नि क्या करती है? जलाती है फिर चाहे वो लकड़ी हो, कोयला हो, वस्त्र हो जो भी आप अग्नि में डालोगे...
राधाकृष्ण | कृष्ण वाणी -92
राधाकृष्ण | कृष्ण वाणीव्यक्ति का जीवन क्या है? अब आप कहेंगे जन्म और मृत्यु के बीच का समय और मृत्यु कब होती है जब...
राधाकृष्ण | कृष्ण वाणी -93
राधाकृष्ण | कृष्ण वाणीनदी का जल मीठा होता है, सागर का जल खारा होता है, और किसी नाले का जल दुर्गन्ध से भरा, क्यों?नदी...
राधाकृष्ण | कृष्ण वाणी -94
राधाकृष्ण | कृष्ण वाणी मनुष्य में एक बड़ा ही विशेष गुण पाया जाता है “मूल्यांकन करना” क्या महंगा है, क्या सस्ता है। जिसे खरीदने के...
राधाकृष्ण | कृष्ण वाणी -95
राधाकृष्ण | कृष्ण वाणीये है सुई और ये है तलवार। अब आप बताइये आपके दृष्टिकोण से इन दोनों वस्तुओं में से क्या अधिक शक्तिशाली...
राधाकृष्ण | कृष्ण वाणी -96
राधाकृष्ण | कृष्ण वाणीइस कमल के पुष्प को देख रहे है आप? इसकी एक विशेष बात है जल स्तर कितना भी बढ़ जाये ये...











