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शनिवार, 12 दिसंबर 2020

राम भक्त ले चला रे राम - Ram Bhakt- Le Chala Re Ram lyrics

राम भक्त ले चला रे राम की निशानी | Ram Bhakt- Le Chala Re Ram Ki Nishaani song

प्रभु कर कृपा पावँरी दीन्हिसादर भारत शीश धरी लीन्ही

राम भक्त ले चला रे राम की निशानी,
शीश पर खड़ाऊँ, अँखिओं में पानी ।

शीश खड़ाऊ ले चला ऐसे,
राम सिया जी संग हो जैसे ।
अब इनकी छाव में रहेगी राजधानी,
राम भक्त ले चला रे राम की निशानी ॥
Ram Bhakt- Le Chala Re Ram lyrics


पल छीन लागे सदिओं जैसे,
चौदह वरष कटेंगे कैसे ।
जाने समय क्या खेल रचेगा,
कौन मरेगा कौन बचेगा ।
कब रे मिलन के फूल खिलेंगे,
नदिया के दो फूल मिलेनेगे ।
जी करता है यही बस जाए,
हिल मिल चौदह वरष बिताएं
राम बिन कठिन है इक घडी बितानी,
राम भक्त ले चला रे राम की निशानी ॥

तन मन बचन, उमनग अनुरागा,
धीर धुरंधर धीरज त्यागा ।
भावना में बह चले धीर वीर ज्ञानी,
राम भक्त ले चला रे राम की निशानी ॥



राम भक्त भरत श्री राम से विदा लेते हुए हैं उनके खड़ाऊ को अपने सिर पर रख कर भगवान श्री राम से आज्ञा लेते हुए अयोध्या के लिए प्रस्थान करते हैं। यह भक्ति गीत आदर, निष्ठा और त्याग की भावनाओं की अनुभूति कराता है। 
स्वर : रवीन्द्र जैन और साथी 
गीत : रवीन्द्र जैन 
संगीत : रवीन्द्र जैन


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