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शुक्रवार, 11 दिसंबर 2020

पत्ता पत्ता तिनका तिनका - Patta Patta Tinka Tinka ramayan song

पत्ता पत्ता तिनका तिनका - Patta Patta Tinka Tinka ramayan song

पत्ता पत्ता, तिनका तिनका, जोड़ते जाते हैं ।
महलों के वासी जंगल में, कुटि बनाते हैं ।।

महलों के वासी जंगल में, कुटि बनाते हैं ।।

राजमहल में पाया जीवन, फूलों में लालन पालन ।
राजमहल के त्याग सभी सुख, त्याग अयोध्या त्याग सिंहासन ।।
कर्म निष्ठ हो अपना अपना, धर्म निभाते हैं ।
महलों के वासी जंगल में, कुटि बनाते हैं ।।

महलों के वासी जंगल में, कुटि बनाते हैं ।।

कहते हैं देवों ने आकर, भील किरात का भेष बनाकर ।
पर्णकुटी रहने को प्रभु के, रखदी हाथों हाथ सजाकर ।।
सिया राम की सेवा करके, पुण्य कमाते हैं ।
महलों के वासी जंगल में, कुटि बनाते हैं ।।
Patta Patta Tinka Tinka ramayan song


महलों के वासी जंगल में, कुटि बनाते हैं ।।

विधना तेरे लेख किसी की, समझ न आते हैं ।
जन जन के प्रिय, राम लखन सिय, वन को जाते हैं ।।

सबके कष्ट मिटाने वाले, कष्ट उठाते हैं ।
जन जन के प्रिय, राम लखन सिय, वन को जाते हैं ।।


भरत श्री राम को अयोध्या का राजा बनाने की ठान लेते हैं और उन्हें मनाने के लिए अपनी माताओं, ऋषि जन एवं मंत्रियों के साथ वन की ओर प्रस्थान करते हैँ। यह सुंदर भक्ति गीत भरत का श्री राम प्रति स्नेह और श्रद्धा की अनुभूति कराता है। 

स्वर : सतीश देहरा 
गीत : रवीन्द्र जैन 
संगीत : रवीन्द्र जैन


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