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शनिवार, 12 दिसंबर 2020

Garud Ko Ho Gaya Re Abhiman | गरुड़ को हो गया रे अभिमान

Garud Ko Ho Gaya Re Abhiman | गरुड़ को हो गया रे अभिमान

जब श्री राम और लक्ष्मण को मेघनाथ को नाग पाश में बांध दिया था तब गरुड़ राज ने आकर उन्हें नागपश से मुक्त किया था। गरुड़ को इस्स बात से घमंड हो जाता है की उसने श्री राम जो की विष्णु भगवान के अवतार हैं उन्हें गरुड़ की सहायता की ज़रूरत पड़ती है तो वो इस्स बात से घमंड में चूर हो जाता है।

गरुड़ को हो गया रे अभिमान
गरुड़ को हो गया रे अभिमान,
गरुड़ को हो गया रे अभिमान,
नारायण की माया व्यापी,
प्रभु की विधि पहचान,
गरुड़ को हो गया रे अभिमान,
गरुड़ को हो गया रे अभिमान।
Garud Ko Ho Gaya Re Abhiman


सुन नारद के वचन उदारा,
शिव पे ही गया भ्रम का मारा,
शिव बैरागी शिव महात्यागी,
भोलेनाथ भगत अनुरागी,
सब जीवों के सब दुःख हरते,
शिव करते कल्याण,
गरुड़ को हो गया रे अभिमान,
गरुड़ को हो गया रे अभिमान।।3



रामायण में गरुड़ को अभिमान हो गया था। क्योकि आपने लंका काण्ड देखा होगा उसमें जब मेघनाथ और युद्ध कर रहे थें। तो मेघनाथ ने राम और लक्ष्मण को नाग पास में बांध दिया था, तब गरुड़ ने आ कर नाग पास से प्रभु राम और लक्ष्मण को मुक्त किया । इसी कार्य के कारण गरुड़ को अभिमान हो गया।
गरुड़ को पता नही था कि प्रभु श्रीराम विष्णु भगवान के अवतार हैं। वह उन्हें एक आम आदमी मानते थे । 

"स्वर- रवींद्र जैन
गीत- रवींद्र जैन
संगीत- रवींद्र जैन

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