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शुक्रवार, 1 दिसंबर 2017

Murali Manohar Mohan Murar Lyrics | मुरली मनोहर मोहन

Murali Manohar Mohan Murar Lyrics - मुरली मनोहर मोहन

मुरली मनोहर मोहन मुरारी (2)
हर एक रूप में तेरी लीला न्यारी

Shri krishna govind hare murari



कहीं टूटी हो जो माखन की गगरी  (2)

तो खोजे कनहिया यशोदा की नगरी

यूँ तो हैं वह सारे जग का विधाता
जो माखन पे आये न छोड़े मुरारी


मुरली मनोहर मोहना मुरारी
हर एक रूप में तेरी लीला न्यारी


सखा संग होतो हैं चंचल कनहिया  (2)

हैं नटखट बड़ा ही वह बंसी बजैया

छेड़े हैं जब भी व्रज गोपी ओ को

तो मोहे सखियों को गिरिधर मुरारी

मुरली मनोहर मोहन मुरारी

हर एक रूप में तेरी लीला न्यारी

कनहिया के जैसा दयालु …..

कनहिया के जैसा दयालु सखा भी
ह्रदय में समाये न पीड़ा परायी


तत्पर सद्दा ही हुनर की मदद को
के अदभुत हैं तेरी लीला मुरारी .


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