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कुम्भकर्ण वध – Story of Kumbhkaran Ramayan

कुम्भकर्ण वध - Story of Kumbhkaran Ramayan

कुम्भकर्ण वध : श्री राम से युध करते करते जब रावण के सभी सेना नायक मौत के घाट उतर रहे थे तो रावण को कुछ समझ नहीं आ रहा था तो उसने अपनी भाई कुम्भकर्ण को नींद से जगाने की आज्ञा अपने सैनिकों को दे दी।

धारावाहिक :रामायण रामानंद सागर कृत
कहानी :कुम्भकर्ण वध
संगीत : रवींद्र जैन
स्वर :सतीश डेरा और देविका पंडित
निर्देशक रामानंद सागर
शैली पौराणिक कथा
मूल प्रसारण २५ जनवरी १९८७ – ३१ जुलाई १९८ 
मूल चैनल :दूरदर्शन
छायांकन :अजित नाइक
निर्माता :रामानंद सागर, आनंद सागर, मोती सागर
संपादक :सुभाष सहगल
मूल भाषा :हिंदी (Hindi)

कुम्भकर्ण वध – Story of Kumbhkaran Ramayan | रामायण कथा

कुम्भकर्ण बहुत ही विशाल देह का राक्षस था जो साल के 6 महीने सोता था और 1 दिन के लिए जागता था और पेट भर खाना खाता था और फिर 6 महीने के लिए सो जाता था। उस वक्त कुम्भकर्ण की नींद का समय था। लेकिन रावण उन्हें युद्ध में अपनी सहायता के लिए जगाता है। 

जब कुम्भकर्ण उठता है तो खाना खाता है है। खाना खा कर जब सेनापति कुम्भकर्ण के पास आता है और उन्हें बताता है की श्री राम से युद्ध चल रहा है और युद्ध का कारण माता सीता का हरण था। कुम्भकर्ण सारी बातें सुनकर अपने भाई रावण के पास जाता है। कुम्भकर्ण रावण को समझता है की उसने जो सीता माता का हरण कर सबसे बड़ी भूल की है, श्री राम खुद नारायण रूप हैं और उनके साथ आपने युद्ध करके ग़लत किया।

लेकिन रावण को कुछ समझ नहीं आता, कुम्भकर्ण अपने भाई का साथ निभाते हुए युद्ध के लिए निकल पड़ता है। कुम्भकर्ण को मैदान में देख रणभूमि में हड़कम्प मच जाता है। कुम्भकर्ण को देख श्री राम को विभीषण उसके बारे में बताता है और विभीषण अपने बड़े भाई कुम्भकर्ण को समझाने के लिए जाता है। कुम्भकर्ण को समझाने के लिए विभीषण कोशिश करता है लेकिन कुम्भकर्ण अपने भाई रावण का साथ निभाने के लिए तत्पर था।

कुम्भकर्ण विभीषण को समझता है कि यादि युद्ध में उसकी मौत आज हो भी जाती है तो वह स्वयं श्री राम के हाथों मरेगा और वीरगति को प्राप्त होगा।

कुम्भकर्ण को युद्ध के लिए जगाना | कुम्भकर्ण रावण संवाद । कुम्भकर्ण वध

श्री राम से युध करते करते जब रावण के सभी सेना नायक मौत के घाट उतर रहे थे तो रावण को कुछ समझ नहीं आ रहा था तो उसने अपनी भाई कुम्भकर्ण को नींद से जगाने की आज्ञा अपने सैनिकों को दे दी। कुम्भकर्ण बहुत ही विशाल देह का राक्षस था जो साल के 6 महीने सोता था और 1 दिन के लिए जागता था और पेट भर खाना खाता था और फिर 6 महीने के लिए सो जाता था।

उस वक्त कुम्भकर्ण की नींद का समय था। लेकिन रावण उन्हें युद्ध में अपनी सहायता के लिए जगाता है। जब कुम्भकर्ण उठता है तो खाना खाता है है। खाना खा कर जब सेनापति कुम्भकर्ण के पास आता है और उन्हें बताता है की श्री राम से युद्ध चल रहा है और युद्ध का कारण माता सीता का हरण था। कुम्भकर्ण सारी बातें सुनकर अपने भाई रावण के पास जाता है। कुम्भकर्ण रावण को समझता है की उसने जो सीता माता का हरण कर सबसे बड़ी भूल की है, श्री राम खुद नारायण रूप हैं और उनके साथ आपने युद्ध करके ग़लत किया।

लेकिन रावण को कुछ समझ नहीं आता, कुम्भकर्ण अपने भाई का साथ निभाते हुए युद्ध के लिए निकल पड़ता है। कुम्भकर्ण को मैदान में देख रणभूमि में हड़कम्प मच जाता है। कुम्भकर्ण को देख श्री राम को विभीषण उसके बारे में बताता है और विभीषण अपने बड़े भाई कुम्भकर्ण को समझाने के लिए जाता है। कुम्भकर्ण को समझाने के लिए विभीषण कोशिश करता है लेकिन कुम्भकर्ण अपने भाई रावण का साथ निभाने के लिए तत्पर था। कुम्भकर्ण विभीषण को समझता है कि यादि युद्ध में उसकी मौत आज हो भी जाती है तो वह स्वयं श्री राम के हाथों मरेगा और वीरगति को प्राप्त होगा।

रामायण कथा | श्री राम ने किया कुम्भकर्ण का वध

Story of Kumbhkaran : YouTube Video

  • निर्माता और निर्देशक – रामानंद सागर
  • सहयोगी निर्देशक – आनंद सागर, मोती सागर
  • कार्यकारी निर्माता – सुभाष सागर, प्रेम सागर
  • मुख्य तकनीकी सलाहकार – ज्योति सागर
  • पटकथा और संवाद – रामानंद सागर
  • संगीत – रविंद्र जैन
  • शीर्षक गीत – जयदेव
  • अनुसंधान और अनुकूलन – फनी मजूमदार, विष्णु मेहरोत्रा
  • संपादक – सुभाष सहगल
  • कैमरामैन – अजीत नाइक
  • प्रकाश – राम मडिक्कर
  • साउंड रिकॉर्डिस्ट – श्रीपाद, ई रुद्र
  • वीडियो रिकॉर्डिस्ट – शरद मुक्न्नवार

अंतिम बात :

दोस्तों कमेंट के माध्यम से यह बताएं कि “कुम्भकर्ण वध की कहानी” वाला यह आर्टिकल आपको कैसा लगा | हमने पूरी कोशिष की हे आपको सही जानकारी मिल सके| आप सभी से निवेदन हे की अगर आपको हमारी पोस्ट के माध्यम से सही जानकारी मिले तो अपने जीवन में आवशयक बदलाव जरूर करे फिर भी अगर कुछ क्षति दिखे तो हमारे लिए छोड़ दे और हमे कमेंट करके जरूर बताइए ताकि हम आवश्यक बदलाव कर सके | 

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