Suraj ki garmi se Lyrics in Hindi | जैसे सूरज की गर्मी से

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Suraj ki garmi se Lyrics in Hindi | जैसे सूरज की गर्मी से

Suraj ki garmi se Lyrics is written by Ramanand Sharma from the movie Parinay. The music was composed by Jaidev and the song was sung by sharma Bandhu.

Suraj ki garmi se jalate hue tan ko Song Detail:

  • Film: परिणय-(Parinay)
  • Music Director: जयदेव-(Jaidev)
  • Lyricist: Ramanand Sharma
  • Singer(s): Sharma Bandhu
  • Genre : Bhajan

Suraj Ki Garmi Se Lyrics in Hindi – सूरज की गर्मी से जलते हुए

जैसे सूरज की गर्मी से जलते हुए तन को
मिल जाये तरुवर कि छाया
ऐसा ही सुख मेरे मन को मिला है
मैं जबसे शरण तेरी आया, मेरे राम

भटका हुआ मेरा मन था कोई
मिल ना रहा था सहारा
लहरों से लड़ती हुई नाव को
जैसे मिल ना रहा हो किनारा,
मिल ना रहा हो किनारा
उस लड़खड़ाती हुई नाव को जो
किसी ने किनारा दिखाया
ऐसा ही सुख …

शीतल बने आग चंदन के जैसी
राघव कृपा हो जो तेरी
उजियाली पूनम की हो जाएं रातें
जो थीं अमावस अंधेरी, जो थीं अमावस अंधेरी
युग-युग से प्यासी मरुभूमि ने
जैसे सावन का संदेस पाया
ऐसा ही सुख …

जिस राह की मंज़िल तेरा मिलन हो
उस पर कदम मैं बढ़ाऊं
फूलों में खारों में, पतझड़ बहारों में
मैं न कभी डगमगाऊं, मैं न कभी डगमगाऊं
पानी के प्यासे को तक़दीर ने
जैसे जी भर के अमृत पिलाया
ऐसा ही सुख …

सूरज की गर्मी से जलते हुए – Jaise Suraj Ki Garmi Se Lyrics in English

Jaise Suraj Ki Garmi Se Jalte Hue Tan Ko,
Mil Jaaye Taruvar Ki Chhaya,
Aisa hi sukh mere Man ko mila hai,
Main jabse sharan Teri aaya…mere ram.

Bhatka hua mera Man tha koi,
Mil na raha tha sahara,
Lehro se ladati Huyi naav ko,
Jaise mil na raha ho kinara,
Mil na raha ho kinara.
Us ladakhadati Hui naav ko jo,
Kisi ne kinara dikhaya,
Aisa hi sukh mere Man ko mila hai,
Main jabse sharan Teri aaya…mere ram.
Jaise Suraj Ki Garmi Se Jalte Hue Tan Ko,
Mil Jaaye Taruvar Ki Chhaya…

Sheetal bane aag Chandan ke jaisi,
Raghav kripa ho jo teri,
Ujiyali punam ki Ho jaaye rate,
Jo thi amavas andheri,
Jo thi amavas andheri.
Yug yug se pyasi Marubhumi ne,
Jaise savan ka sandes paya,
Aisa hi sukh mere Man ko mila hai,
Main jabse sharan Teri aaya…mere ram.
Jaise Suraj Ki Garmi Se Jalte Hue Tan Ko,
Mil Jaaye Taruvar Ki Chhaya…

Jis raah ki manzil tera Milan ho,
Us par kadam main Badhau,
Phulo mein kharo mein Patajhad baharo mein,
Main na kabhi Dagamagau.
Pani ke pyase ko Taqdeer ne,
Jaise ji bhar ke amrit pilaya,
Aisa hi sukh mere Man ko mila hai,
Main jabse sharan Teri aaya…mere ram.
Jaise Suraj Ki Garmi Se Jalte Hue Tan Ko,
Mil Jaaye Taruvar Ki Chhaya…

जैसे सूरज की गर्मी से जलते हुए तन को लिरिक्स – Jaise Suraj Ki Garmi Se Lyrics

  • गीत: जैसे सूरज की गर्मी से
  • गायक: अनूप जलोटा
  • संगीत: चंद्र कमल
  • लेबल: नूपुर ऑडियो

निष्कर्ष

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