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Sunday, June 17, 2018

वानर राज बाली की कहानी | Bali Story In hindi

क्या आप जानते है के बाली मे कितनी शक्ति थी ओर बालीको छिपके क्यु मारा गया........?
बाली किश्किंधा का राजा था बाली वैसे देवताओ के राजा इंद्र का पुत्र था.ओर सुग्रीव का बडा भाइ था. कहेते है समुद्र मंथन के समय बाली ने समुद्र मथने मे देवताओ की सहायताकी थी. एवम एक बार अकेले ही पुरा समुद्र मंथन कर दिया था. बाली अती बलवान था. बाली एक दिन मे पुरी पुर्थ्वी का चक्कर लगा लेता था. उस के शरीर मे इतनी उर्जा थी के वो सालो तक दिग्पाल ओर पुजा करने के लिये उडता रहेता था. ओर ब्रह्माजी से उसने ये वरदान लिया था के जो भी बाली से युध्ध करेग उसका आधा बल बाली मे आ जायेगा. इसी वरदान की वजह से रावण भी कइ बार बाली से हार गया था. एक बार बाली जब पुजाकर रहा था तब रावण बालीसे लडने आया तब बाली ने रावण को अपनी कांख मे दबा के अपनी पुजा पुरी की थी,ओर एक बार रावणको अपनी पुछमे लपेट कर पुर्थ्वी का चक्कर लगाया था.
Bali Story In hindi
बाली ने रावण के ससुर मय दानव के बडे पुत्र दुदुम्भी जो भैसे के रुप मे बाली से युध्ध करने आया था. दुदुम्भी मे 1000 हाथीओ का बल था. पर बाली ने उसे मारा ओर उसे उठा के 4 कोस यानी 12 कि.मी दुर फेक दिया था. उस वक्त दुदुम्भी के मुख से जो खुन हवा मे उडा वो ऋषिमुख पर्वत पर मतांग ऋषि के आश्रम पर जा गिरा. मतांग ऋषि के श्राप के कारण बाली उस पर्वत पर नही जा सकते थे. इस लिये पुरी दुनिया मे बाली से बचने के लिये सुग्रीव के पास ऋषिमुख पर्वत हि स्थान था. बाली ने मय दानव के पुत्र मायवी का वध भी किया था. बाली अपने बल के घमंड मे अधर्म आचरने लगा था. सुग्रिव की पत्नी रोमा को वो अपने साथ रखता था.
ब्रह्माजी के वरदान की वजह से बाली को युध्ध मे मारन असभंव था. इस लिये खुद भगवान को भी छुप के बाली का वध करना पड़ा

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